The 2-Minute Rule for wife vashikaran mantra

ॐ भगवती भग भागदायिनी ‘देवदत्ती’ मम मोहय कुरु कुरु स्वाहा।

इस मन्त्र को एक हजार बार जप कर सिद्ध कर लेने के बाद जब प्रयोग करना हो तो निम्नांकित प्रयोग करें-

Vashikaran will not be a contemporary creation. It emanates from ancient Hindu scriptures, Primarily from Tantric texts and also the Atharva Veda, and it is deeply rooted in Hindu philosophy. Typically, it had been utilised not just for love, but will also for healing damaged relationships, improving upon interaction, or bringing peace involving men and women.

It wasn’t generally noticed as dark or manipulative. In its purest type, it was meant being a spiritual apply dependant on intent, energy, and connection.

Though rooted in ancient traditions, vashikaran is not scientifically verified. It works more for a spiritual or emotional observe than the usual assured technique.

बाबा त्रिलोकीनाथ जी (बगलामुखी साधक ज्योतिषी)

मनमुटाव और दुश्मनी समाप्त करने का टोटका

विधि: मंत्र सिद्धि के लिए, किसी भी ग्रहणकाल के दौरान एक मिट्टी का चौमुखा दीपक और चार लौंग लेकर किसी पवित्र स्थान पर बैठें। दीपक में चमेली का तेल डालें और चार बत्तियों को तेल में भिगोकर जलाएं। दीपक को इस प्रकार रखें कि प्रत्येक बत्ती का मुँह अलग-अलग चार दिशाओं की ओर read more हो। प्रत्येक बत्ती के पास एक लौंग रखें। ग्रहण के आरंभ से लेकर उसके समाप्त होने तक मंत्र का निरंतर जाप करें।

खोये व्यक्ति (स्त्री या पुरुष) को घर वापिस लाने के लिए टोटका

क्या वशीकरण से किसी को जबरदस्ती वश में किया जा सकता है? नहीं, वशीकरण किसी के मन को प्रभावित कर सकता है लेकिन यह जबरदस्ती या इच्छा के विरुद्ध किसी को मजबूर करने का साधन नहीं है। यह सकारात्मक ऊर्जा और प्रेम के आधार पर कार्य करता है।

Your browser isn’t supported anymore. Update it to have the finest YouTube encounter and our latest capabilities. Learn more

शनिवार के दिन हनुमानजी को सिन्दूर का चोला चढ़ाकर विधिपूर्वक पूजा करके प्रतिदिन एक माला के क्रम से इक्कीस दिन तक मन्त्र जपें। फिर प्रयोग करने के लिए मन्त्रजप करते हुए चौराहे की मिट्टी का ललाट पर तिलक लगाकर जिस भी व्यत्तिः के सामने जायेगा, वह उसकी आज्ञा का पालन अवश्य करेगा।

(अमुक अमुका मतलब स्त्री या पुरुष का नाम)

या भुज ते महिषासुर मारि और शुम्भ निशुम्भ दोऊ दल थम्बा आरत हेतु पुकारत हौं, जाइ कहां बैठी जगदम्बा खड्ग टूटो कि खप्पर फूटो कि सिंह थको तुमरो जगदम्बा आज तोहे माता भक्त शपथ बिनु शान्ति दिए जानि सोवहु अम्बा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *